Thursday, June 20, 2013

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का प्रोफाइल

श्री अजय कुमार को कार्पोरेशन बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने 1 अक्तूबर 2011 को बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले श्री अजय कुमार 2009 से यूको बैंक में कार्यपालक निदेशक थे।

श्री अजय कुमार को विधि में स्नातक उपाधि प्राप्त है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भौतिक शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि भी है। वे भारतीय बैंकर्स संस्थान के प्रमाणपत्रित सहयोगी (सीएआईआईबी) हैं।  श्री अजय कुमार का बैंकिंग उद्योग में सफल करियर रहा है। उन्होंने वर्ष 1973 में बैंक ऑफ बड़ौदा में प्रत्यक्ष भर्ती अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।

बैंक ऑफ बड़ौदा में अपनी छत्तीस वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने बैंकिंग परिचालनों के वैविध्यपूर्ण क्षेत्रों में प्रधान कार्यालय, आंचलिक कार्यालयों, शाखाओं, न्यू यार्क कार्यालय और नस्साव, बहामास के अपतटीय बैंकिंग परिचालनों में विभिन्न पदों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाली हैं।

वे मूलतः एक परिचालन स्तर के व्यक्ति हैं जिनका बैंक ऑफ बड़ौदा में अपना करियर क्षेत्र स्तर पर रहा जिससे कि वे बाज़ार की नब्ज़ को जान सकें और बाजार अंश को पाने के लिए अग्र-सक्रिय और परिणामोन्मुख उपाय कर सके हैं।  स्वतंत्र सोच में विश्वास रखनेवाले व्यक्ति श्री कुमार ने कडी मेहनत द्वारा विविध रणनीतियों के ज़रिए बैंक की संवृद्धि हेतु अनेक पहल की हैं। उन्होंने रीटेल लोन फैक्टरियों द्वारा केन्द्रीकृत प्रक्रिया के साथ खुदरा कारोबार को सुदृढ़ एवं समेकित करते हुए तथा ग्राहकों हेतु अनेक नए मूल्य आधारित उत्पाद शुरू करते हुए एक अहम भूमिका निभाई है। उनके प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव से सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेने में उन्हें मदद मिली है।

बैंक ऑफ बड़ौदा में सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग में अपने कार्यकाल के दौरान श्री कुमार शाखाओं के शत प्रतिशत स्वचालन और कोर बैंकिंग समाधान के क्रियान्वयन, बैंक के वाईड एरिया नेटवर्क के संस्थापन, आरटीजीएस, एनईएफटी, नकद प्रबंधन समाधान, फोन बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, रीटेल डिपॉजिटरी, संस्थागत ऑन-लाइन ड्रेडिंग, डाटा वेयरहाउस, ग्लोबल ट्रज़री, जोखिम प्रबंधन, धन-शोधन निवारण, मानव संसाधन सूचना प्रणाली, स्विफ्ट का केन्द्रीकरण, सिटी बैक ऑफिस, क्षेत्रीय बैक ऑफिस, इंटरनेट पेमेंट गेटवे इत्यादि  के द्वारा प्रौद्योगिकी प्लैटफार्म के परिवर्धन के लिए ज़िम्मेदार रहे।

श्री कुमार को बेकॉन 2003 में “ज्ञान प्रबंधन  – सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए एक परिदृश्य” में प्रस्तुत आलेख हेतु उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ। वे इंडो ज़ांबिया बैंक लिमिटेड के तथा बाद में नैशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल में सदस्य रहे।