Thursday, June 20, 2013

नागरिक घोषणा-पत्र

बैंकिंग क्षेत्र ने पिछले दशक में वर्धमान सार्वभौमीकरण, तीव्र प्रतिस्पर्धा, उन्नत प्रौद्योगिकी और नए उत्पादों एवं सेवाओं के अंतर्वहन के कारण शीघ्र परिवर्तनों का अनुभव किया है । इन परिवर्तनों ने ग्राहक को संचालक के आसन पर प्रतिष्ठापित कर दिया है और बैंक के सभी प्रयास अब संपूर्ण ग्राहक संतुष्टि की ओर निर्देशित हैं । समसामयिक बाजार में अब वह ग्राहकोन्मुख दृष्टिकोण ही है जो व्यापार वृध्दि को त्वरित बनाने और सफलता प्राप्त करने हेतु अत्यंत प्रसंगानुकूल है । इस बात पर जोर देने की आवश्यकता नहीं है कि भविष्य उनका है, जो अपने ग्राहकों की बात सुनते हैं, जो उनकी बदलती हुई आवश्यकताओं के प्रति अनुक्रिया में एक गत्यात्मक दृष्टिकोण को अपनाते हैं और उसका अनुसरण करते हैं ।

प्रतिस्पर्धात्मक बैंकिंग परिदृश्य में, हमें विश्वव्यापी रूप से प्रतिस्पर्धी, प्रौद्योगिकी-समर्थ और ग्राहक-प्रेरित बनकर, अपनी सर्वोन्नत स्थिति को सफलतापूर्वक बनाए रखना है । इस प्रयास में, सेवा-उत्कृष्टता के लिए प्रसिध्द एक विजयी टीम के रूप में हमारे सभी प्रयत्न ग्राहकों को शक्ति प्रदान करने की ओर निर्देशित होने चाहिए । इस दिशा में, ग्राहक-शिक्षा एक मुख्य पहलू है जिसकी ओर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है । इस उद्देश्य हेत, हमारा बैंक अपने सभी ग्राहकों के लिए सूचनात्मक प्रलेख के रूप में 'नागरिक घोषणा-पत्र' प्रस्तुत कर रहा है ।

'नागरिक घोषणा-पत्र' में संपूर्ण ग्राहक संतुष्टि के प्रति हमारे बैंक की प्रतिबध्दता की मुख्य विशेषताएँ समाविष्ट हैं । यह घोषणा पत्र बैंक में विद्यमान उपचार-तंत्र और साथ ही ग्राहक-बैंकर संबंधों में स्वस्थ आचरणों के लिए ग्राहकों के पक्ष में दायित्वों के महत्व को भी प्रकट करता है । यह प्रलेख केवल एक सूचनात्मक प्रपत्र मात्र है, जिसका लक्ष्य ग्राहक-सेवा से संबंधित विविध विषयों में अंतर्विष्ट प्रक्रियाओं से ग्राहकों को अवगत कराना है और इसका आशय किसी प्रकार के अधिकारों या दायित्वों का निर्माण करना नहीं है ।

हमारा बैंक, अपनी सभी शाखाओं में अपने सेवा-स्तरों को सुधारने की दृष्टि से, नियमित ग्राहक सभाओं और अन्योन्य क्रियाओं के ज़रिए अपने ग्राहकों से निरंतर संपर्क बनाए रखता है। यह बैंक द्वारा ग्राहक सेवा को सुधारने की दिशा में एक और प्रयास है । यदि इस 'नागरिक घोषणा-पत्र' की अंतर्वस्तुओं के संबंध में अपनी कोई प्रतिसूचनाएँ हैं तो ग्राहक उन्हें बैंक को भेज सकते हैं । हम हार्दिक रूप से आशा करते हैं कि हमारे सभी ग्राहक इस पुस्तिका को शिक्षाप्रद और प्रेरक पाएंगे ।

नागरिक घोषणा-पत्र - बैंक का कार्पोरेट लक्ष्य

    प्रत्येक सेवा में बेहतर गुणवत्ता ।

    जन सामान्य को बताना कि वे किस तरह की सेवा की अपेक्षा कर सकते हैं ।

    यह सुनिश्चित करना कि कुछ अनुचित घटने पर जन सामान्य को आगे की कार्रवाई की जानकारी हो ।

    विश्व-स्तर की वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराना ।

    नवोत्पाद सृजन और प्रौद्योगिकी पहल के ज़रिए ग्राहकों की बढ़ती हुई आकांक्षाओं की पूर्ति करना ।

    विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, नैतिक मूल्यों और दक्ष कार्पोरेट अभिशासन सहित 'आदर्श संस्था' के रूप में उभरना ।

    विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन प्रणालियों द्वारा सतत, लाभदायक और वित्तीय दृष्टि से स्वस्थ वृध्दि के ज़रिए शेयरधारक         के धन में वृध्दि करना ।

    एक जिम्मेदार कार्पोरेट नागरिक के रूप में राष्ट्रीय और सामाजिक बाध्यताओं को पूरा करना।

    कर्मचारियों के लिए एक बौध्दिक रूप से संतोषप्रद और व्यावसायिक रूप से हितकारी वातावरण का निर्माण करना ।

इस पुस्तिका में दी गई जानकारी 25 जनवरी, 2005 तक की स्थिति के अनुसार है और इसमें परिवर्तन/संशोधन किए जा सकते हैं ।

इस पुस्तिका को अधिकार और बाध्यताएँ निर्मित करनेवाला विधिक दस्तावेज़ नहीं माना जाना चाहिए । प्रत्येक ग्राहक के अधिकारों का प्रयोग विधि द्वारा निर्धारित सीमाओं, सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय बैंक संघ और कार्पोरेशन बैंक द्वारा समय-समय पर तैयार की गई नीतियों के अधीन होगा । इस पुस्तिका में कहीं भी ऐसा अर्थ नहीं निकाला जा सकता है कि किसी भी ग्राहक को बैंक के किसी नियम, प्रावधान, परिपत्र आदि को शिथिल करने की या निरस्त करने की कोई गतिविधि या कार्य करने का कोई अधिकार है । यह पुस्तिका ग्राहक और बैंक के बीच बेहतर जानकारी और समझ को बढ़ावा देने हेतु है ।

इस पुस्तिका में विभिन्न सेवाओं/सुविधाओं पर मात्र महत्वपूर्ण जानकारी ही दी गई है। प्रत्येक सेवा के संबंध में विस्तृत शर्तें एवं निबंधन हैं जो अनुरोध पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

अतिरिक्त ब्योरे/जानकारी हेतु हमारे शाखा कार्यालयों या प्रधान कार्यालय को लिखें या हमारी वेबसाइट corpbank.com पर संपर्क करें ।

1.0 ग्राहकों के सामान्य अधिकार :

सभी ग्राहकों के समान और असंक्राम्य अधिकारों को मान्यता देना ही हमारे बैंक की प्रचुर प्रगति, वृध्दि और उपलब्धियों का आधार है । बैंक के प्रबंधन वर्ग और स्टाफ ने ग्राहकों के अधिकारों, बैंक के साथ ग्राहकों के निकट संबंधों के मूल्य में अपने विश्वास को पुनः पुष्ट करते हुए उन्हें बेहतर सेवा के मानक स्तर उपलब्ध कराने का दृढ़ संकल्प किया है । इस बात को ध्यान में रखते हुए बैंक की समस्त शाखाओं और कार्यालयों से प्राप्त सेवाओं के मानक स्तर के रूप में इस कार्पोरेट घोषणा के ज़रिए कार्पोरेशन बैंक ग्राहकों के अधिकारों को घोषित करता है । इस घोषणा को ध्यान में रखते हुए, बैंक का प्रत्येक स्टाफ सदस्य, घोषणा-पत्र के सभी मापदंडों के अनुपालन और अनुसरण से ग्राहकों के प्रत्येक अधिकार का सम्मान करने हेतु प्रयत्न करेगा ।

हमारे ग्राहकों के कुछ सामान्य अधिकार नीचे उल्लिखित हैं :

1.1 जाति, राष्ट्रीयता, रंग, लिंग, भाषा, धर्म, राजनैतिक अभिमत या ऐसी किन्हीं बातों में भिन्नता के आधार पर बैंक के ग्राहकों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा ।

1.2 कोई भी ग्राहक बैंकिंग से संबध्द किसी मामले पर बैंक के किसी व्यक्ति के मनमाने निर्णयों के अध्यधीन नहीं होगा ।

1.3 बैंक के किसी सदस्य द्वारा अधिकारों के उल्लंघन के मामले में अपने अधिकारों के निर्धारण के संबंध में प्रत्येक ग्राहक को बैंक के किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनवाई का अधिकार प्राप्त है ।

1.4 प्रत्येक व्यक्ति को बैंक का ग्राहक बनने का अधिकार है, बशर्ते वह बैंक द्वारा निर्धारित आधारभूत न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करता हो ।

1.5 प्रत्येक ग्राहक को भारतीय रिज़र्व बैंक और भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अधीन बैंक की सेवाओं का लाभ प्राप्त करने का अधिकार है ।

1.6 प्रत्येक ग्राहक को अपनी ज़रूरतों के अनुसार बैंकिंग सेवाओं में से किसी भी मद को चुनने का अधिकार है ।

1.7 प्रत्येक ग्राहक को बैंक के विभिन्न उत्पादों, सेवाओं और ग्राहकों की शिकायतों के निपटान से संबंधित प्रावधानों के विषय में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है ।

1.8 प्रत्येक ग्राहक को यह अधिकार प्राप्त है कि उसे विभिन्न लेनदेनों, जो ग्राहकों से संबध्द हैं, के लिए बैंक द्वारा निर्दिष्ट नियमों और विनियमों के संबध्द भागों से संबंधित जानकारी प्राप्त हो ।

1.9 प्रत्येक ग्राहक को यह सुनिश्चित करने का अधिकार प्राप्त है कि बैंक के साथ उसके सभी लेनदेन गोपनीय रखे जाते हैं । परन्तु किसी विधि के प्रावधान का अनुसरण करते हुए या जन हित में बैंक इन लेनदेनों के ब्योरे प्रकट कर सकता है ।

2.0 हमारी शाखाओं द्वारा पालन की जानेवाली सामान्य प्रथाएं :

2.1 सभी शाखाएँ/कार्यालय कारोबार समय प्रदर्शित करते हैं ।

2.2 शिष्टतापूर्वक सेवाएं उपलब्ध कराना ।

2.3 कारोबार समय की समाप्ति के समय बैंकिंग हॉल में उपस्थित सभी ग्राहकों को हम सेवा उपलब्ध कराते हैं ।

2.4 हम बड़ी शाखाओं में अलग से 'पूछताछ' या 'आपकी सेवा में' काउंटरों की सुविधा उपलब्ध कराते हैं ।

2.5 हम समय-समय पर विभिन्न जमा योजनाओं हेतु ब्याज दरें प्रदर्शित करते हैं ।

2.6 हम अग्रिमों पर ब्याज दर के परिवर्तन को अधिसूचित करते हैं ।

2.7 हम बैंक की विभिन्न जमा योजनाओं/सेवाओं के ब्योरे उपलब्ध कराते हैं ।

2.8 हम समय-समय पर सेवा प्रभारों में हुए परिवर्तन की सूचना देते हैं ।

2.9 हम विभिन्न बैंकिंग लेनदेन हेतु समय-मानक प्रदर्शित करते हैं ।

2.10 हम सुनिश्चित करते हैं कि कारोबार समय के दौरान कोई भी काउंटर खाली नहीं छोड़ा जाता है तथा ग्राहकों को अनवरत सेवा उपलब्ध करायी जाती है ।

2.11 हम शाखा परिसर में शिकायत/सुझाव पेटी रखते हैं ।

2.12 हम आंचलिक कार्यालयों तथा प्रधान कार्यालय तथा ग्राहक शिकायत को देखनेवाले नोडल अधिकारी के पतों को प्रदर्शित करते हैं ।

2.13 हम कार्यसमय की समाप्ति के एक घंटे पहले तक गैर-नकद बैंकिंग लेनदेन हेतु कारोबार समय बढ़ाते हैं ।

2.14 ग्राहक संबंध सुदृढ़ बनाने तथा ग्राहकों को शाखा अधिकारियों के साथ बातचीत करने और अपने सुझाव देने या अपनी राय/शिकायतें यदि हो तो, व्यक्त करने का अवसर उपलब्ध कराने हेतु तिमाही अन्तरालों में हम ग्राहक बैठक आयोजित करते हैं ।

3.0 ग्राहकों के लिए सुझाव/पूर्वोपाय :

3.1 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे चेक बुक तथा पास बुक की सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित करें।

3.2 ग्राहकों से अनुरोध है कि चेक लिखते समय कार्बन को उल्टा इस्तेमाल करें ।

3.3 यथासंभव रेखांकित किया हुआ/आदाता के खाते में देय चेकों को जारी करें ।

3.4 यथासंभव राशि को निकटस्थ रुपए में पूर्णांकित करके ग्राहक चेक जारी करें । चेक जारी करने के पहले यह सुनिश्चित करें कि तारीख, शब्दों में और आंकड़ों में राशि, हस्ताक्षर आदि जैसे चेक में सारे कॉलम उचित रूप से भरे गए हैं ।

3.5 ग्राहकों से अनुरोध है कि पर्याप्त शेष के अभाव में चेक जारी न किया जाए । इसके अलावा सेवा प्रभार नामे किए जाने से बचने के लिए उनसे अनुरोध है कि बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम शेष बनाए रखें ।

3.6 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे चेक तथा अन्य वित्तीय लिखतें पंजीकृत डाक या प्रतिष्ठित कुरियर द्वारा भेजें ।

3.7 ग्राहकों से अनुरोध है कि बचत बैंक खाते से आहरण पर्ची द्वारा नकद आहरित करते समय पास बुक भी लाएं । पुरानी प्रविष्टियों के लिए दिए गए पासबुक को अद्यतन करने में विलंब से बचने के लिए ग्राहक पास बुक को समय-समय पर अद्यतन करवाएँ।

3.8 ग्राहकों से अनुरोध है कि भविष्य में संभाव्य दावे के निपटान में विलंब से बचने हेतु नामांकन सुविधा का अनिवार्यतः लाभ उठाएँ ।

3.9 ग्राहक खाता संख्याएं, सावधि जमा रसीद के ब्योरे, लॉकर संख्या आदि अलग से नोट करें।

3.10 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे पता, दूरभाष संख्या आदि में परिवर्तन समय-समय पर शाखा को सूचित करें।

3.11 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे मांग ड्राफ्ट, सावधि जमा रसीद, चेक का/के पन्ना/पन्ने, चेक बुक, लॉकर की चाबी आदि के खो जाने की सूचना यथाशीघ्र शाखा को दें ।

3.12 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे आवर्ती प्रकृति के लेनदेनों हेतु स्थाई अनुदेश सुविधा प्राप्त करें।

3.13 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे अपने पिन, पासवर्ड और अन्य सुरक्षा जानकारी याद रखें और नोटिस के प्राप्त होते ही उसे फाड़ दें ।

3.14 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे अपने पिन/पासवर्ड या अन्य सूचना गोपनीय रखें और इन्हें पास बुकों/अन्य प्रलेखों में नोट/रिकार्ड न करें ।

3.15 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे अपने खाता ब्योरे, पासवर्ड या अन्य सुरक्षा जानकारी किसी को भी न बताएँ जब तक कि उनको यह पता न चले कि वे कौन है और उसे इसकी आवश्यकता क्यों है ।

3.16 ग्राहकों से उनके पास बुक/खाता विवरण को नियमित अंतरालों में सत्यापित करने के लिए अनुरोध किया जाना चाहिए और यदि कोई गलत प्रविष्टियाँ (जमा या नामे) हैं तो इसकी सूचना तत्काल शाखा अधिकारियों/प्रबंधक को दें ।

3.17 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे कोरे चेकों पर हस्ताक्षर न करें । तथा अपना नमूना हस्ताक्षर या तो पास बुक पर या चेक बुक पर न दर्ज करें ।

3.18 ग्राहकों से अनुरोध है कि खाता खोलने के उद्देश्य हेतु ऐसे किसी व्यक्ति को परिचित न कराएं जिन्हें वे व्यक्तिगत रूप से जानते नहीं हों ।

3.19 ग्राहकों से अनुरोध है कि वे बैंक द्वारा प्रस्तुत डेबिट कार्ड, इलैक्ट्रॉनिक क्लियरिडग सर्विस, इलैक्ट्रॉनिक निधि अंतरण, इंटरनेट बैंकिंग, बिल पे, एलआईसी पॉलिसियाँ, जीआईसी पॉलिसियाँ, म्युचुअल फण्ड उत्पाद आदि जैसे विविध नए उत्पादों का लाभ उठाएं ।

3.20 ग्राहकों से यह भी अनुरोध है कि वे सेवा के संबंध में प्रतिसूचना दें और यदि सेवा में कोई कमी पाते हैं तो इसकी सूचना शाखा प्रमुख को दें ।

4.0 सेवा प्रभार :

निम्नलिखित सेवाओं हेतु सेवा प्रभार लागू है, जिसका विवरण शाखाओं में उपलब्ध है :

4.1 डयूप्लिकेट पास बुक/विवरण

4.2 फोलियो प्रभार

4.3 न्यूनतम शेष न रखना

4.4 भुगतान रोको अनुदेश

4.5 स्थाई अनुदेश

4.6 प्रमाण पत्र जारी करना

4.7 नमूना हस्ताक्षर की पुष्टि

4.8 पुरानी प्रविष्टियों से संबंधित पूछताछ

4.9 चेकों की वापसी

4.10 निधियों की उगाही एवं विप्रेषण

4.11 ऋण आवेदन का प्रसंस्करण

4.12 गारंटियों को जारी करना

4.13 4.13 सुरक्षित अभिरक्षा/लॉकर, आदि ।

5.0 ग्राहक - बैंकर संबंधों के सामान्य क्षेत्र :

5.1 बचत बैंक खाता :

5.1.1 धन की भावी आवश्यकता की पूर्ति करने तथा धन की बचत की आदत डालने हेतु एकल व्यक्तियों (वैयक्तिक ग्राहकों) को मदद देने के लिए ये खाते बनाए गए हैं । इन खातों में राशि जमा/से चेकों/आहरण पर्चियों के ज़रिए राशि आहरित की जा सकती है । ब्याज अर्जित करने के अलावा घर में न्यूनतम नकद रखने में इससे ग्राहकों को सुविधा होती है।

5.1.2 बचत बैंक खाते बहुत लोकप्रिय हैं । ये खाते पात्र व्यक्ति/व्यक्तियों या कतिपय संगठन/ एजेंसियों (जैसा कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनुमोदित है) द्वारा खोले जा सकते हैं ।

5.1.3 बचत बैंक खाता खोलने हेतु पूर्वापेक्षाएँ :

5.1.3.1 परिचय :

बचत बैंक खाता खोलने के लिए, हमें परिचय की आवश्यकता होती है । निम्नलिखितों से हम परिचय स्वीकार कर सकते हैं :
क) 6 महीने के संतोषजनक लेनदेन वाला वर्तमान खाता ।
ख) कोई व्यक्ति जो खाता धारक नहीं है परन्तु कार्पोरेटर, एमएलए, एमपी आदि के रूप में बैंक को अच्छी तरह परिचित हो ।
ग) बैंक को कोई स्टाफ सदस्य ।

5.1.3.2 प्रलेखी साक्ष्य द्वारा परिचय :

यदि किसी वर्तमान खाता धारक/बैंक को परिचित व्यक्ति द्वारा परिचय उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है तो हम प्रलेखों के आधार पर स्व-परिचय के साथ खाता खोल सकते हैं। ऐसी स्थिति में, पहचान निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित में से कोई एक प्रलेख प्रस्तुत किया जा सकता है:

5.1.3.2.1 कर्मचारी पहचान (आईडी) कार्ड

5.1.3.2.2 वोटर पहचान कार्ड

5.1.3.2.3 पासपोर्ट

5.1.3.2.4 पैन (पीएएन) कार्ड

5.1.3.2.5 फोटो सहित क्रेडिट कार्ड

5.1.3.3 वर्तमान पते के प्रमाणस्वरूप निम्नलिखित में से कोई एक प्रलेख प्रस्तुत किया जा सकता है

5.1.3.3.1 बिजली बिल

5.1.3.3.2 दूरभाष बिल

5.1.3.3.3 प्रदत्त एलआईसी प्रीमियम रसीद की एक प्रति

5.1.3.3.4 कोई भी क्रेडिट कार्ड विवरण

5.1.3.3.5 नियोजक से पत्र

5.1.3.3.6 केद्र/राज्य सरकार प्राधिकारियों से कोई संसूचना

5.1.3.4 भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों के अनुसार खाता खोलने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के हाल ही के दो फोटोग्राफ बैंक द्वारा प्राप्त किए जाएंगे ।

5.1.3.5 खाता खोलनेवाले व्यक्ति/व्यक्तियों से आयकर अधिनियम (धारा 139ए) के अनुसार स्थाई खाता संख्या (पीएएन) या सामान्य सूचकांक रजिस्टर (जीआईआर) संख्या या उसके बदले फार्म सं.60 या 61 में घोषणा प्राप्त की जाएगी ।

5.1.3.6 कंप्यूटरीकृत या गैर-कंप्यूटरीकृत शाखाओं हेतु अलग-अलग रूप से समय समय पर बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम शेष, जो इस पर भी निर्भर है कि खाताधारी चेक बुक की सुविधा प्राप्त करता है या नहीं, खाताधारी द्वारा खाते में बनाए रखना चाहिए । इसका अनुपालन न करने पर सेवा प्रभार वसूल किया जाएगा । महीने के दसवें दिन तथा महीने के अंतिम दिन के बीच की न्यूनतम शेष राशि के आधार पर अर्ध्द-वार्षिक आधार पर प्रतिवर्ष 3.5ऽ ब्याज संप्रति अदा किया जाता है बशर्ते वह न्यूनतम रु.1/- हो ।

5.1.3.7 खाताधारी/खाताधारियों के नाम पर आहरित चेकों, लाभांश वारंटों की ही खाते के ज़रिए उगाही की जाएगी। खाताधारी/खाताधारियों (तृतीय पार्टी) के पक्ष में पृष्ठांकित वित्तीय लिखतों की बचत बैंक खाते के ज़रिए उगाही नहीं की जाएगी।

5.2 चालू खाता :

5.2.1 एकल व्यक्तियों, साझेदारी फ़र्मों, निजी एवं सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों, हिन्दू अविभक्त परिवारों/निर्दिष्ट सहयोगियों, सोसाइटियों, न्यासों आदि द्वारा चालू खाते खोले जा सकते हैं ।

5.2.2 विधि द्वारा अपेक्षितानुसार, यह खाता खोलते समय खाता खोलनेवाले व्यक्ति/व्यक्तियों के पते के सत्यापन सहित उसकी/उनकी पहचान के बारे में हम खुद को संतुष्ट करेंगे, जिससे कि कपट तथा बैंकिंग प्रणाली के अन्य दुरुपयोग के विरुध्द संभाव्य ग्राहक/ग्राहकों, जन साधारण तथा हमारी रक्षा की जा सके ।

5.2.3 चालू खाता खोलने हेतु पूर्वापेक्षाएँ :

5.2.3.1 परिचय : चालू खाता खोलने के लिए हमें परिचय की आवश्यकता है । हम निम्नलिखित से परिचय स्वीकारते हैं

5.2.3.1.1 6 महीने संतोषजनक लेनदेन सहित वर्तमान खाता धारक ।

5.2.3.1.2 कोई भी व्यक्ति जो खाता धारक नहीं है परन्तु कार्पोरेटर, एमएलए, एमपी आदि के रूप में बैंक को अच्छी तरह परिचित हो ।

5.2.3.1.3 बैंक का कोई स्टाफ सदस्य ।

5.2.3.2 भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के अनुसार खाते के खोलनेवाले/खाते का संचालन करने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के हाल ही के दो फोटोग्राफों की बैंक को आवश्यकता होती है ।

5.2.3.3 बैंक को खाता कोलनेवाले व्यक्ति/व्यक्तियों (अर्थात् पंजीकृत/गैर-पंजीकृत साझेदारी के साझेदारी के साझेदार सहित पंजीकृत/निगमित निकायों/कंपनियों) से आयकर अधिनियम (धारा 139ए) के अनुसार स्थाई खाता संख्या (पीएएन) या सामान्य सूचकांक रजिस्टर (जीआईआर) संख्या या उसके बदले फार्म सं.60 या 61 में घोषणा प्राप्त करनी चाहिए।

5.2.3.4 संतोषजनक परिचय के अलावा, खाता खोलनेवाले व्यक्ति/व्यक्तियों की पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेजों के ब्योरे बैंक द्वारा संभाव्य ग्राहकों को दिए जाएंगे । हाल ही के गैस/ दूरभाष/बिजली बिल या राशन कार्ड या मतदान पहचान कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट आदि ही सामान्य रूप से स्वीकृत दस्तावेज़ हैं ।

5.2.3.5 समय-समय पर निर्धारित न्यूनतम शेष बनाए रखना है ।

5.2.3.6 चालू खाते में रखे जमा शेष हेतु ब्याज अदा नहीं किया जाएगा ।

5.2.3.7 निष्पादकों, प्रशासकों, न्यासियों, परिसमापकों आदि के लिए विशेष प्रकार के चालू खाते खोलने हेतु शाखा प्रबंधक से संपर्क केरं जो इन प्रकारों के खाते खोलने में मदद देंगे ।

5.2.3.8 भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशानुसार, आवेदक (अर्थात् खाता खोलने वाले) को खाता खोलने के फार्म में या अलग से इस बात की घोषणा करनी है कि वह किसी भी बैंक से ऋण सुविधा प्राप्त नहीं कर रहा है तथा यदि वह किसी सुविधा/सुविधाएं प्राप्त कर रहा है तो बैंक का नाम और शाखा का नाम जहाँ से सुविधाएं प्राप्त कर रहा है, आदि का उल्लेख करते हुए पूरे ब्योरे दिए जाने हैं । यदि दी गई घोषणा बाद में कभी गलत पाई जाती है तो बैंक ऐसी कोई कार्रवाई करने हेतु हकदार है जैसा कि वह उचित समझें जिसमें ग्राहक को सूचना दिए बिना खाते को बंद करना भी शामिल है ।

5.3 मीयादी जमा खाते :

5.3.1 सभी प्रकार के व्यक्तियों की मांगों एवं अपेक्षाओं के अनुरूप बैंक ने कई जमा योजनाएं तैयार की हैं । समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं के अनुसार हमारा बैंक निम्नलिखित मीयादी जमा योजनाएं प्रस्तुत कर रहा है ।
सावधि जमा, क्षेमनिधि नकद प्रमाण पत्र, मनीफ्लेक्स जमा, सतत जमा, रेडी कैश जमा, आवर्ती जमा, जनता जमा, कार्प क्लासिक खाता ।
शाखा के स्टाफ आपको इससे संबंधित विस्तृत ब्योरे देंगे तथा आपकी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न जमा योजनाओं में निवेश करने के संबंध में आपकी सहायता करने में उन्हें खुशी होगी ।
एकल व्यक्तियों, साझेदारी फ़र्मों, निजी एवं सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों, हिन्दू अविभक्त परिवारों/निर्दिष्ट सहयोगियों आदि द्वारा मीयादी जमा खाते खोले जा सकते हैं ।

5.3.2 मीयादी जमा खाता खोलने के लिए पूर्वापेक्षाएँ :

5.3.2.1 परिचय :
मीयादी जमा खाता खोलने के लिए हमें परिचय की आवश्यकता है । हम निम्नलिखित से परिचय स्वीकार करते हैं ।
क) 6 महीने के संतोषजनक लेनदेन सहित वर्तमान खाता धारक ।
ख) कोई भी व्यक्ति जो खाताधारक नहीं है परन्तु बैंक को अच्छी तरह से परिचित है जैसे कार्पोरेटर, एमएलए, एमपी आदि ।
ग) बैंक का कोई स्टाफ सदस्य ।

5.3.2.2 प्रलेखी साक्ष्य के माध्यम से परिचय :
यदि किसी वर्तमान खाताधारक/बैंक को परिचित कोई व्यक्ति द्वारा परिचय उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है तो हम प्रलेखों के आधार पर स्व-परिचय के साथ खाता खोल सकते हैं । ऐसे मामलों में पहचान निर्धारित करने हेतु निम्नलिखित प्रलेखों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है :

5.3.2.2.1 कर्मचारी आईडी कार्ड

5.3.2.2.2 वोटर पहचान कार्ड

5.3.2.2.3 पासपोर्ट

5.3.2.2.4 पैन कार्ड

5.3.2.2.5 फोटो सहित क्रेडिट कार्ड

5.3.2.3 वर्तमान पते के प्रमाणस्वरूप निम्नलिखित प्रलेखों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है :

5.3.2.3.1 विद्युत बिल

5.3.2.3.2 दूरभाष बिल

5.3.2.3.3 प्रदत्त एलआईसी प्रीमियम रसीद की प्रति

5.3.2.3.4 कोई भी क्रेडिट कार्ड विवरण

5.3.2.3.5 नियोजक से पत्र

5.3.2.3.6 केद्र/राज्य सरकार प्राधिकारियों से कोई संसूचना ।

5.3.2.4 भा.रि.बैं. के निदेशों के अनुसार रु.10,000/- से अधिक की जमाराशि होने पर, बैंक द्वारा, खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों से हाल ही में लिए गए उनका दो फोटो प्राप्त किया जाना चाहिए ।

5.3.2.5 बैंक द्वारा, खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों से स्थाई खाता संख्या (पीएएन) या जनरल इंडेक्स रजिस्टर (जीआईआर) संख्या या विकल्प के रूप में आयकर अधिनियम (धारा 139ए के अधीन) फार्म सं.60 या 61 में घोषणा प्राप्त की जानी चाहिए ।

5.3.2.6 अन्यथा निर्दिष्ट न होने पर, बैंक द्वारा निर्धारित जुर्माना, यदि कोई हो, के अधीन, जमाराशि को रखे जाने की अवधि हेतु लागू ब्याज दर, या संविदागत दर, इनमें जो कम हो, पर परिपक्वतापूर्व आहरण अनुमत किया जाता है । 15 दिन से कम अवधि हेतु बैंक के पास रखी गई जमाराशियों के परिपक्वतापूर्व आहरण पर फिलहाल तथा समय समय पर भा.रि.बैं. के निर्णयानुसार, कोई ब्याज देय नहीं होगा।

5.3.2.7 जमा प्रमाण-पत्रों को छोड़कर, जमाराशियों पर सामान्यतः ऋण/ओवरड्राफ्ट अनुमत किए जाते हैं । ऐसे ऋण, समय समय पर भा.रि.बैं. के निदेशों के अनुसार या बैंक द्वारा निर्धारितानुसार ब्याज प्रभारित करते हुए मंजूर किए जाते हैं ।

5.3.2.8 जमाराशियों की परिपक्वता की तारीख पर नवीकरण हेतु अनुरोध करने पर बैंक द्वारा नवीकरण किया जाता है । अच्छी ग्राहक सेवा के उपाय के रूप में, बैंक द्वारा परिपक्वता की तारीख के संबंध में, ग्राहक को समय रहते ही सूचना दी जा सकती है ।

5.3.2.9 जमाराशियों पर ब्याज बट्टागत मूल्य पर मासिक रूप से या तिमाही रूप से या तिमाही में चक्रवृध्दित (अर्थात् ब्याज का पुनर्निवेश) या परिपक्वता की तारीख को, कुछ विशिष्ट जमा योजनाओं के तहत लागू अनुसार, जमाकर्ता के विकल्प के अनुसार देय होगा ।

5.3.2.10 अतिदेय जमाराशि पर ब्याज, समय समय पर बैंक द्वारा निर्णीतानुसार, जमाराशि के नवीकरण पर ही देय होगा ।

5.3.2.11 बैंक जमाराशियों के ब्याज पर, समय समय पर आयकर प्राधिकारियों द्वारा निर्दिष्ट सीमा तक आय कर से छूट होगी ।

5.3.2.12 संप्रति यदि जमाराशियों पर कुल ब्याज, प्रति जमाकर्ता, प्रति शाखा, प्रति वित्तीय वर्ष, रु.5,000/- से अधिक हो तो, आयकर प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित दरों पर उसमें से स्रोत पर कर की कटौती की जानी चाहिए ।

5.3.2.13 कर की कटौती के बिना जमाराशियों पर ब्याज प्राप्त करने के लिए जमाकर्ता द्वारा अधिमानतः वित्त वर्ष के आरंभ में ही फार्म सं.15जी में घोषणा प्रस्तुत की जा सकती है ।

5.3.2.14 काटे गए कर हेतु बैंक स्रोत पर कर की कटौती प्रमाणपत्र जारी करेगा ।

5.3.2.15 जमाराशियों पर ब्याज : बैंक द्वारा विभिन्न जमा योजनाओं के अनुसार जमाराशियों पर ब्याज अदा किया जाता है। ब्याज दरों में समय समय पर संशोधन किए जाते हैं तथा जनता को इनसे अवगत कराया जाता है । संसोधित ब्याज दरें मात्र नवीकृत तथा नई जमाराशियों पर लागू होती हैं जबकि विद्यमान जमाराशियों पर परिपक्वता तक संविदागत दरों पर ही ब्याज दिया जाता रहेगा ।

5.4 कार्पवॉल्ट :

कार्पवॉल्ट की सुविधा बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जा रही एक अनुषंगी सेवा है । यह सुविधा उपलब्ध कराने वाले बैंक की शाखाएँ इस सूचना को अंकित/प्रदर्शित करेंगी ।
इन संवाओं को अभिशासित करने वाले मुख्य पहलू इस प्रकार हैं :

5.4.1 कार्पवॉल्ट एक व्यक्ति (जो नाबालिग न हो), फ़र्म, लिमिटेड कंपनियों, निर्दिष्ट संघों तथा सोसाइटियों आदि द्वारा किराए पर लिया जा सकता है ।

5.4.2 एक व्यक्ति द्वारा एक नाम पर किराए पर लेने पर तथा संयुक्त परिचालन के मामले में (अधिकतम 2 नामिती तक), नामांकन की सुविधा उपलब्ध है ।

5.4.3 चाबी खो जाने की सूचना तत्काल शाखा को दी जानी चाहिए ।

5.4.4 कार्पवॉल्ट विभिन्न आकारों में उपलब्ध हैं ।

5.4.5 कार्पवॉल्ट कम से कम एक वर्ष की अवधि हेतु किराए पर दिए जाते हैं । किराया अग्रिम अदा किया जाना चाहिए । किराया अतिदेय होने पर बैंक द्वारा समय समय पर निर्णीतानुसार जुर्माना प्रभारित किया जाएगा ।

5.4.6 स्थाई अनुदेश होने पर, किराएदार के जमा खाते से किराया अदा किया जा सकता है।

5.4.7 बैंक द्वारा, मात्र यथोचित रूप से परिचय कराए गए ग्राहकों को, बैंक के मानदंडों के अनुसार प्रतिभूति जमाराशि तथा अग्रिम किराए के भुगतान के बाद ही कार्पवॉल्ट किराए पर दिया जाएगा ।

5.4.8 बैंक के नियमों के अनुसार, सूचनाएं दिए जाने के बावजूद, किराए की अदायगी न किए जाने पर, बैंक को कार्पवॉल्ट को तोड़कर खोलने तथा अपना प्रभार वसूल करने का अधिकार है।

5.4.9 किराएदार, अतिरिक्त सेवा प्रभार का भुगतान किए बिना तिमाही में 12 बार कार्पवॉल्ट में परिचालन कर सकता है ।

5.4.10 देय किराया, कार्पवॉल्ट के आकार, कार्पवॉल्ट हेतु माँग तथा शाखा की अवस्थिति पर आधारित है ।

5.4.11 लॉकरों के आबंटन हेतु हम पूर्व शर्त के रूप में जमाराशियों पर जोर नहीं देते हैं ।

5.5 वस्तुओं की सुरक्षित अभिरक्षा :
मात्र उन शाखाओं में जहाँ सुरक्षित जमा कार्पवॉल्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है, निर्धारित सेवा प्रभारों के भुगतान पर, बैंक द्वारा अपने ग्राहकों से सुरक्षित अभिरक्षा हेतु सामान्यतःनिम्नलिखित वस्तुएँ स्वीकार की जाती हैं ।

5.5.1 स्वीकार्य वस्तुएँ :

5.5.1.1 मुहरबंद लिफाफे, मुहरबंद पैकेट, मुहरबंद बक्से आदि जिन्हें सुविधापूर्वक स्ट्रांग रूम में रखा जा सकता है ।

5.5.1.2 संबध्द जमाकर्ता के नाम पर मीयादी जमा रसीदें ।

5.5.1.3 सरकारी विभागों/अर्ध्द-सरकारी एजेंसियों/कंपनी निकायों आदि द्वारा अग्रिम रूप से जारी ब्याज/लाभांश वारंटों को सुरक्षित अभिरक्षा हेतु स्वीकार किया जाता है ।

5.5.1.4 ग्राहकों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वस्तुओं/पार्सल/पैकेट में किसी प्रकार के रसायन, ज्वलनशील सामग्री, विस्फोटक, गोला/बारूद आदि नहीं है । ग्राहकों द्वारा इस अनिवार्यता को पूरा न किए जाने पर होने वाली किसी प्रकार की दुर्घटना का पूरा दायित्व ग्राहकों का होगा ।

5.5.2 सुरक्षित अभिरक्षा हेतु वस्तुओं को स्वीकार करने के बाद ग्राहक को एक सुरक्षित अभिरक्षा रसीद जारी की जाएगी । सुरक्षित अभिरक्षा हेतु प्राप्त प्रत्येक वस्तु हेतु अलग रसीद जारी की जाएगी । सुरक्षित अभिरक्षा हेतु सौंपी गई वस्तुएं, आवेदन में निर्दिष्ट आहरण की शर्तों का कड़ा अनुपालन करते हुए तथा सुरक्षित जमा रसीद के प्रस्तुतीकरण पर वापस सुपुर्द की जाएंगी । बैंकर तथा ग्राहक के बीच का संबंध उपनिधाता तथा उपनिहिती का होगा ।

5.5.3 सुरक्षित अभिरक्षा रसीद का खो जाना :
मूल सुरक्षित अभिरक्षा रसीद के खोने की रिपोर्ट किए जाने पर, बैंक अपने एकमात्र स्वनिर्णय पर, हर्जाना तथा प्रतिभू के प्रस्तुतीकरण पर मूल सुरक्षित अभिरक्षा रसीद के स्थान पर अनुलिपि रसीद जारी करेगा । ग्राहकों द्वारा समय पर नवीकृत न किए जाने की स्थिति में, वस्तुएँ सुरक्षित अभिरक्षा हेतु मात्र एक वर्ष के लिए स्वीकार की जाती हैं । सुरक्षित अभिरक्षा अनुदेशों के नवीकरण हेतु बैंक द्वारा ग्राहक को अनुस्मारक दिया जाएगा । अदावाकृत वस्तुओं का बैंक द्वारा प्रक्रिया के अनुसार निपटान किया जाएगा ।

5.6 नामांकन सुविधा :

5.6.1 नामांकन सुविधा, सभी जमा खातों, सुरक्षित अभिरक्षा तथा सुरक्षित जमा वॉल्ट में रखी गई सभी वस्तुओं हेतु उपलब्ध है ।

5.6.2 नामांकन सुविधा मात्र वैयक्तिक हैसियत (अर्थात् एकल/संयुक्त खाते तथा साथ ही एकमात्र स्वामित्व वाले प्रतिष्ठान के खाते) से खोले गए खातों हेतु उपलब्ध है अर्थात् प्रतिनिधि की हैसियत से खोले गए खातों हेतु उपलब्ध नहीं है ।

5.6.3 नामांकन मात्र एक व्यक्ति के पक्ष में किया जा सकता है । तथापि, संयुक्त रूप से परिचालित लॉकर खाते में आम सहमति से, एक से अधिक व्यक्तियों (अर्थात् दो व्यक्ति तक) के पक्ष में नामांकन की अनुमति है ।

5.6.4 खाताधारी द्वारा अपने जीवनकाल में, नामांकन किया जा सकता है, इसे निरस्त या परिवर्तित किया जा सकता है । नामांकन, निरसन या परिवर्तन करते समय गवाह की उपस्थिति अनिवार्य है तथा आवेदन पर सभी खाताधारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए ।

5.6.5 नामांकन, नाबालिग के पक्ष में भी किया जा सकता है । नामिती के नाबालिग होने पर, जमाकर्ता द्वारा दूसरे व्यक्ति को (विधिक अभिभावक), जो नाबालिग नहीं है, नाबालिग की ओर से जमा की राशि प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत किया जाएगा ।

5.6.6 जिन विद्यमान खातों के लिए नामांकन नहीं किए गए हैं, खाताधारी/यों द्वारा शाखाओं में उपलब्ध प्रपत्र को भरकर नामांकन किया जा सकता है ।
ग्राहकों (नए तथा साथ ही विद्यमान) को सूचित किया जाता है कि यदि उन्होंने अब तक नामांकन सुविधा का लाभ न उठाया हो तो अब उठा लें ।

5.7 पेंशन भुगतान :
पेंशनभोगी बैंक की उन शाखाओं के माध्यम से अपना पेंशन आहरित कर सकते हैं जिन्हें सिविल/रक्षा/रेलवे/स्वतंत्रता सेनानी/दूरसंचार/राज्य सरकार के पेंशनों की अदायगी हेतु प्राधिकृत किया गया है।
पेंशनभोगियों से निवेदन है कि वर्ष में एक बार (अर्थात् नवंबर माह में) जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें जिससे कि शाखाओं को बिना रुकावट/विलंब के पेंशन की अदायगी में सहयोग प्राप्त हो ।
शाखा द्वारा पेंशन, पेंशनभोगी के बचत बैंक या चालू खाते में, माह के अंतिम चार कार्य दिवसों के दौरान जमा की जाएगी । मार्च माह हेतु पेंशन अप्रैल के पहले कार्य दिवस को या उसके बाद जमा की जाएगी । पेंशन का भुगतान नकद रूप में या संयुक्त खाते के माध्यम से नहीं किया जाएगा । प्रत्येक पेंशनभोगी द्वारा, जहाँ कहीं लागू हो, आवधिक रूप से जीवन/विवाह/पुनर्विवाह/बेरोज़गारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए जाने चाहिए ।

5.8 विप्रेषण सेवा :
ग्राहक, बैंक के नियमों के अनुसार निर्दिष्ट प्रभारों का भुगतान करते हुए माँग ड्राफ्ट या तार अंतरण आदि द्वारा निधियों को एक केद्र से दूसरे केद्र को विप्रेषित कर सकते हैं।
ग्राहक, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली तथा मुंबई से तथा को रु.5 लाख तक की निधियों को अंतरित करने के लिए भा.रि.बैं. के माध्यम से परिचालित इलैक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (ईएफटी) की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं ।
रु.50,000/- तथा उससे अधिक के माँग ड्राफ्ट, भुगतान आदेश, तार अंतरण तथा यात्री चेक बैंक द्वारा मात्र ग्राहक के खाते में नामे लिखते हुए या क्रेता द्वारा प्रस्तुत चेक पर या अन्य किसी लिखत पर ही जारी किए जाएंगे तथा नकद भुगतान पर जारी नहीं किए जाएंगे । इसी प्रकार, रु.50,000/- तथा उससे अधिक के ऐसे भुगतान नकद रूप में न करते हुए बैंकिंग चैनल के माध्यम से किए जाएंगे ।

5.9 स्थाई अनुदेश :
समय-समय पर लागू सेवा प्रभारों को प्रभारित किए जाने के अधीन, एक ही शाखा में रखे गए, एक खाते से दूसरे खाते में, बैंक की ही अन्य शाखा में या किसी तीसरी पार्टी के खाते में निधियों के अंतरण/विप्रेषण हेतु बैंक को स्थाई अनुदेश दिए जा सकते हैं ।

5.10 लिखतों की उगाही :
बैंक द्वारा खाताधारी की ओर से उसके चालू/बचत बैंक/ओवरड्राफ्ट/नकदी ऋण/कार्पक्लासिक खाते में स्थानीय तथा बाहरी चेकों एवं अन्य लिखतों की उगाही की जाएगी बशर्ते कि चेक/लिखत रेखांकित हैं तथा खाताधारी के पक्ष में आहरित या पृष्ठांकित हैं । बचत बैंक खातों में तीसरी पार्टी के लिखतों की उगाही नहीं की जाएगी। चेकों की उगाही हेतु मानक समय निम्नवत् है :

5.10.1 स्थानीय समाशोधन :
चेकों/लिखतों को समय पर प्रस्तुत किए जाने पर, समाशोधन क्षेत्र में स्थित स्थानीय बैंकों/ शाखाओं पर आहरित लिखत (3 दिनों के भीतर)।

5.10.2 उच्च मूल्य वाले समाशोधन :
यह सुविधा नामित केद्रों में चयनित शाखाओं के ग्राहकों के लिए उपलब्ध है । उच्च मूल्य (जो प्रति लिखत रु.1.00 लाख से कम न हो) के चेकों का समाशोधन उसी दिन किया जाता है ।

5.10.3 बाहरी चेक :
चार महानगरों में से किन्हीं दो पर आहरित तथा उगाही गई बाहरी लिखत (8 दिनों के भीतर) । राज्य की राजधानियों तथा 100 से अधिक बैंक कार्यालयों वाले अन्य केद्रों पर आहरित बाहरी लिखत (10 दिनों के भीतर) ।अन्य केद्रों/स्थानों पर आहरित बाहरी चेक (14 दिनों के भीतर) ।

5.10.4 रु.15,000/- तक के लिखतों के लिए तत्काल जमा उपलब्ध कराना :
एकल या संयुक्त रूप से व्यक्ति के नामों पर रखे गए सभी बचत बैंक या चालू खातों में, जो कम से कम 6 माह से संतोषजनक रूप से चल रहे हों, बाहरी चेकों को (समय समय पर जारी भा.रि.बैं. के मार्गनिर्देशों के अनुसार) तत्काल जमा किया जाता है ।
ग्राहक द्वारा तत्काल जमा न किए जाने हेतु अन्यथा विशिष्ट अनुरोध न किए जाने पर, ग्राहक के निवेदन की प्रतीक्षा किए बिना नेमी मामले के रूप में सभी व्यक्तिगत खातों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है ।
ग्राहकों द्वारा सामान्यतः उगाही प्रभारों तथा साथ ही डाक प्रभारों का वहन किया जाएगा ।
चेकों को अदत्त लौटाए जाने की स्थिति में, ग्राहकों द्वारा निधियों को प्रयोग में लाए जाने की अवधि हेतु ब्याज का भुगतान किया जाना चाहिए ।
उक्त सुविधा उधार खातों के लिए उपलब्ध नहीं है ।

5.10.5 लिखतों की उगाही में विलंब पर ब्याज का भुगतान :
हमें, ऊपर उल्लिखित निर्धारित तारीख से अधिक विलंब की अवधि हेतु मीयादी जमा की यथोचित अवधि हेतु लागू दर पर ब्याज अदा करना चाहिए । साथ ही, बाहरी चेकों की उगाही में शाखा द्वारा किए गए असामान्य विलंब (एक माह से अधिक) हेतु हमें लागू मीयादी जमा दर से 2ऽ अधिक ब्याज देना चाहिए ।
लिखतों की उगाही में विलंब हेतु ब्याज का भुगतान, ग्राहक के दावे के बिना ही किया जाना चाहिए ।
तथापि, मार्गस्थ खोए हुए लिखतों के मामले में यह ब्याज देय नहीं है ।
ग्राहकों से निवेदन है कि वे अपने चेकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही शाखा में प्रस्तुत करें (अवधि के दौरान साप्ताहिक अवकाश के अतिरिक्त अन्य छुट्टियों को निर्धारित अवधि की गणना करते समय उसमें शामिल नहीं किया जाएगा) ।

5.11 सरकारी कारोबार :
संप्रति देशभर में 319 शाखाएँ प्रत्यक्ष करों का संग्रहण करने के लिए प्राधिकृत हैं । प्राधिकृत शाखाओं के ब्योरे वेबसाइट में उपलब्ध हैं । बैंक केद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर वसूल करने के लिए भी प्राधिकृत है और प्राधिकृत शाखाओं के नाम भी हमारे वेबसाइट पर उपलब्ध हैं ।

5.11.1 प्रत्यक्ष करों की अदायगी हेतु कर-दाता इंटरनेट से डाऊनलोड किए गए श्वेत- श्याम चालानों का प्रयोग कर सकते हैं ।

5.11.2 जो बैंक के ग्राहक नहीं हैं, वे भी प्रत्यक्ष कर की अदायगी हेतु अपने चालान दे सकते हैं ।

5.11.3 कर दाता बैंकिंग समय के अंदर कभी भी कर अदा कर सकता है ।

5.11.4 यदि किसी वैध कारण से चालान स्वीकार नहीं किया जाता है तो चालान के प्रस्तुतकर्ता को इसका कारण सूचित किया जाएगा ।

5.11.5 नकदी या चेक के साथ प्रस्तुत चालान का प्रतिपर्णक/पावती प्रस्तुतकर्ता को तुरंत दी जाएगी।

5.11.6 यदि चेक/ड्राफ्ट किसी दूसरी शाखा/बैंक पर आहरित है तो शाखा प्रस्तुतकर्ता को पेपर टोकन देगा जिसे चेक/ड्राफ्ट की वसूली पर मूल प्रतिपर्णक के साथ बदला जाना चाहिए ।

5.11.7 चेक/ड्राफ्ट को प्रस्तुत करने का दिनांक कर की अदायगी का दिनांक होगा ।

5.11.8 कर दाता इंटरनेट के एनएसडीएल वेबसाइट .दद्मड्डथ्.ड़दृ.त्द के माध्यम से चालान स्टेटस रिपोर्ट प्राप्त कर सकता है ।

5.12 भारत सरकार बांड :
बैंक हमारी चयनित शाखाओं में भारत सरकार बांड बेचने के लिए भी प्राधिकृत है और ऐसी शाखाओं के नाम हमारे वेबसाइट में उपलब्ध है ।
भा.रि.बैं. द्वारा निर्धारित सरलीकृत आवेदन फार्म का उपयोग किया जा रहा है और यह इन शाखाओं में उपलब्ध है ।

5.13 वरिष्ठ नागरिक बचत योजना 2004 :
बैंक वरिष्ठ नागरिक बचत बैंक योजना, 2004 के तहत जमाराशियाँ स्वीकार करने के लिए भी अधिकृत हैं और इन प्राधिकृत शाखाओं के नाम हमारे वेबसाइट पर उपलब्ध है ।

6.0 मुद्रा प्रबंधन :

6.1 गंदे और कटे-फटे नोटों एवं सिक्कों के विनिमय की सुविधा भा.रि.बैं. के ऐसे कार्यालयों में उपलब्ध हैं जहाँ निर्गम विभाग परिचालनरत है । आम जनता अप्रचलित एवं पुराने सिक्कों सहित गंदे और कटे-फटे नोटों का विनिमय कर सकती है ।

6.2 यह विनिमय सुविधा भा.रि.बैं.के निम्नलिखित क्षेत्रीय कार्यालयों में उपलब्ध है :

अहमदाबाद बेंगलूर
बेलापुर (नवी मुंबई) भोपाल
भुवनेश्वर चंडीगढ़
चेन्नई गुवाहाटी
हैदराबाद जयपुर
जम्मू कानपुर
कोच्चि कोलकाता
लखनऊ मुंबई
नागपुर नई दिल्ली
पटना तिरुवनंतपुरम

6.3 बैंक की सभी शाखाएँ नोट वापसी नियमों के अनुसार गंदे नोटों का विनिमय करेगी । परंतु कटे-फटे नोटों के विनिमय की सुविधा मुद्रा तिजोरी शाखाओं में उपलब्ध है ।

यथा 31.12.2004 मुद्रा तिजोरियों की सूची नीचे दी गई है :

क) बेंगलूर-एम.जी.रोड
ख) हुबली-कोइन रोड
ग) कोष़िकोड
घ) मुंबई-फोर्ट
ङ) मुंबई-वाशी
च) दिल्ली-महावीर नगर
छ) हैदराबाद-हैदरगुड़ा
ज) विजयवाड़ा-मुख्य
झ) चेन्नई-जी.टी.
ञ) मंगलूर-कार स्ट्रीट
ट) जयपुर-भवानी सिंह रोड

6.4 बैंक मात्र स्टेपलरहित नोट जारी करेगा और केवल स्टेपलरहित नोट स्वीकार करेगा । नोट पैकेट पेपर बैण्ड/पॉलिमर बैण्ड/ट्वाइन से बंधे जाएंगे ।

6.5 बैंक सुनिश्चित करेगा कि सभी मूल्यवर्ग के सिक्के और नए/जारीयोग्य मुद्रा यथासंभव अपनी सभी शाखाओं में उपलब्ध हैं । ग्राहकों से अपेक्षा है कि वे करेन्सी नोट पर कुछ नहीं लिखें/अंकित करें न ही करेन्सी पैकटों पर स्टिकर/चिपकाने वाले लेबलों का प्रयोग करें।

6.6 बैंक अपनी सभी शाखाओं में सभी मूल्यवर्ग के सिक्कों को स्वीकार करेगी ।

6.7 यदि ग्राहकों द्वारा किए गए विप्रेषणों में जाली/नकली नोट पाए जाते हैं तो बैंक प्रस्तुतकर्ता को मात्र एक रसीद देगा परन्तु विप्रेषण में पाए गए जाली नोट को नहीं लौटाएगा, कार्रवाई विधि के अनुसार की जाएगी ।

7.0 व्यापार लेनदेन हेतु समय मानदंड :

बैंक द्वारा ग्राहकों की सुविधा हेतु कतिपय बैंकिंग लेनदेनों के लिए कुछ समय मानदंड निर्धारित किए गए हैं । बैंक के सभी अधिकारी इन समय मानदंडों का अनुपालन करने के लिए बाध्य हैं । यह मानदंड निम्नवत् हैं :

लेनदेन की प्रकृति समय मानदंड
7.1 नकद जमा करना (मूल्यवर्ग के आधार पर) 5 - 15 मिनट
7.2 चेक का नकदीकरण 5 - 15 मिनट
7.3 माँग ड्राफ्ट/भुगतान आदेश का नकदीकरण(हमारे बैंक पर आहरित) 5 - 15 मिनट
7.4 माँग ड्राफ्ट/भुगतान आदेश का क्रय 15 - 30 मिनट
7.5 जमा रसीद प्राप्त करना 15 - 30 मिनट
7.6 आवक बिलों का निर्मोचन 15 - 30 मिनट
7.7 मीयादी जमाराशियों का पुनर्भुगतान 10 - 20 मिनट
7.8 नया खाता खोलना 15 - 20 मिनट
7.9 पासबुक अद्यतन करना (सीमित प्रविष्टियों हेतु) 10 - 25 मिनट

8.0 शिकायतों का निवारण :

8.1 बैंकिंग जैसे सेवा उद्योग में शिकायतों का निवारण, व्यापार का एक अंग है । शिकायतें बैंकरों को प्रदत्त सेवा की गुणवत्ता और ग्राहकों की अपेक्षाओं पर महत्वपूर्ण प्रत्युत्तर देते हैं ।

8.2 ग्राहकों को अपनी शिकायतों को पेश करने या ग्राहक सेवा में सुधार हेतु अपने सुझावों को प्रस्तुत करने का अवसर देने हेतु बैंक के सभी कार्यालयों में, जिनमें शाखाएँ, आंचलिक कार्यालय तथा प्रधान कार्यालय भी शामिल हैं, प्रत्येक माह की 15 तारीख (15 को अवकाश या अर्ध्द दिवस होने पर, अगले दिन) को 'ग्राहक दिवस' मनाया जाता है । इस दिन निर्दिष्ट घंटों के दौरान कोई भी ग्राहक शाखा/आंचलिक कार्यालय के शाखा/अंचल प्रमुख, प्रधान कार्यालय में बैंक के वरिष्ठ/ शीर्ष कार्यपालकों/नोडल अधिकारी से पूर्व सूचित किए बिना मिल सकता है ।

8.3 अपनी शिकायतों के निवारण हेतु ग्राहकों को उपलब्ध अवसर :

अपनी शिकायतों के निवारण हेतु ग्राहकों को निम्नलिखित अवसर उपलब्ध हैं :

8.3.1 सेवा में कमी के संबंध में ग्राहक लेनदेन संभालनेवाले काऊंटर के अधिकारी को शिकायत कर सकते हैं । यदि वे संतुष्ट नहीं हैं, वे अपनी शिकायतों के निवारण हेतु शाखा प्रबंधक के पास जा सकते हैं ।

8.3.2 यदि शाखा अधिकारी/प्रबंधक मौखिक अभ्यावेदन स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं अथवा उनके द्वारा दिए गए प्रत्युत्तर संतोषजनक नहीं हैं, तो ग्राहक शाखा प्रबंधक को लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं जिसमें सेवा में कमी के विशिष्ट मामले को दर्शा सकते हैं ।

8.3.3 ग्राहक शाखा प्रबंधक के पास उपलब्ध 'शिकायत बही' में शाखा के विरुध्द शिकायत दर्ज कर सकता है । शाखा प्रमुख द्वारा विधिवत् हस्ताक्षरित डुप्लिकेट प्रतिलिपि पावती के रूप में ग्राहक को दिया जाएगा ।

8.3.4 असंतुष्ट ग्राहक अपने अभ्यावेदन आंचलिक कार्यालय के आंचलिक प्रबंधक और/या महा प्रबंधक, ग्राहक सेवा प्रभाग, प्र.का. को भेज सकते हैं जिनके नाम एवं पते और दूरभाष संख्याएँ शाखा के ग्राहक बैठक खाने के नोटिस बोर्ड में प्रदर्शित किए गए हैं । प्रधान कार्यालय में संबध्द पता और दूरभाष संख्या निम्नानुसार है :

महा प्रबंधक,
ग्राहक सेवा प्रभाग,
कार्पोरेशन बैंक,
पो.बॉ.सं.77, पांडेश्वर,
मंगलूर - 575 001.
दूरभाष : 2426416-420, 2448748, फैक्स : 2444161

8.3.5 लिखित शिकायतें प्रत्येक प्रमुख शहर/केद्र में स्थित आंचलिक ग्राहक सेवा कक्ष को भी भेजे जा सकते हैं ।

8.3.6 लिखित शिकायत निम्नलिखित पते पर भारतीय बैंक संघ को भी भेजा जा सकता है:

भारतीय बैंक संघ,
स्टेडियम हाऊस, छठी मंजिल,
ब्लॉक-3, वीर नरीमन रोड,
मुंबई - 400 020.

8.3.7 असंतुष्ट ग्राहक लिखित शिकायत भारतीय रिज़र्व बैंक को निम्नलिखित पते पर भेज सकते हैं :

भारतीय रिज़र्व बैंक,
डीबीओडी, केद्र-1,
विश्व व्यापार केद्र,
कफ परेड, कोलाबा,
मुंबई - 400 005.

8.3.8 असंतुष्ट ग्राहक अपने शिकायत लोक शिकायत निदेशालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को निम्नलिखित पते पर भेज सकते हैं :

लोक शिकायत निदेशालय,
प्रशासनिक सुधार एवं शिकायत विभाग,
भारत सरकार, सरदार पटेल भवन,
संसद मार्ग,
नई दिल्ली - 110 001.

8.3.9 असंतुष्ट ग्राहक, संबध्द राज्य के बैंकिंग लोकपाल के पास भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है जिसका नाम एवं पता और दूरभाष संख्या शाखा के ग्राहक बैठक खाने के नोटिस बोर्ड में प्रदर्शित किया जाता है या इसे शाखा प्रबंधक से लिया जा सकता है। परन्तु बैंकिंग लोकपाल को अभ्यावेदन भेजने से पहले, ग्राहक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम-से-कम एक अभ्यावेदन संबध्द बैंक को भेजा गया है और बैंक द्वारा शिकायतों का निपटान समुचित रूप से नहीं किया गया है । यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उक्त शिकायत एक वर्ष से अधिक पुराना न हो ।

8.3.10 असंतुष्ट ग्राहक उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत जिला उपभोक्ता फॉरम को शिकायत भेज सकता है । ऐसे मामलों में यह आवश्यक है कि संबध्द ग्राहक ने कम-से-कम एक अभ्यावेदन इसके पहले ही बैंक को दिया हो और उक्त ग्राहक की शिकायत का उचित निवारण न हुआ हो । जिला फॉरम का पता स्थानीय रूप से प्राप्त किया जा सकता है ।

8.3.11. ग्राहकों को यह नोट करना चाहिए कि अज्ञात व्यक्तियों से प्राप्त शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा ।

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