कार्प सीएस
कार्प सीएस - कंपनी सचिवों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई आकर्षक योजना
1.पात्रता
● कंपनी सचिव - व्यक्तिगत रूप से या संयुक्तरूप से या स्वामित्व प्रतिष्ठान या साझेदारी फर्म/सीमित देयतावाली साझेदारी
● व्यक्ति/स्वामी की आयु 65 वर्षों से अधिक न हो।
● आवेदक/फर्म इन्स्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रटरीज़ के साथ पंजीकृत हो तथा प्रैक्टीस करने का मान्यता प्रमाणपत्र/लाइसेन्स रखता हो।
● अंशकालिक प्रैक्टीस करनेवाले आवेदक पात्र नहीं हैं।
● आवेदक/संस्था का नाम भारीबैंक की चूककर्ता सूची/सिबिल रिपोर्ट में शामिल न हो।
● फर्म के मामले में सभी साझेदार सह आवेदक के रूप में शामिल हों।
● आवेदक/फर्म संस्था के विरुद्ध इन्स्टिट्यूट द्वारा कोई अनुशासनिक कार्रवाई न की हो।
2.प्रयोजन
● कार्यालय परिसर के निर्माण के लिए
● अंशतः या पूर्णतः बने बनाए नए कार्यालय के परिसर के अभिग्रहण केलिए ।
● भूमि तथा उसपर निर्माण के वित्तीयन मूल्य के लिए
● फर्णीचरों व जुडनारों, कार्यालय उपकरणों को लगाने/कंप्यूटर/अन्य उपकरण आदि के मूल्य के वित्तीयन केलिए
3.सुविधा की प्रकृति
● अचल संपत्ति खरीदने केलिए मांग ऋण/मीयादी ऋण तथा/या कार्यशील पूँजी के लिए नकदी उधार/ओवरड्राफ्ट
4.मार्जिन
क. मीयादी ऋण/मांग ऋण - 20 प्रतिशत समान मार्जिन
ख. कार्यशील पूँजी के लिए - नकदी उधार या बेजमानती ओवरड्राफ्ट केलिए बही ऋण/प्राप्यों का 25 प्रतिशत ।
भूमि की खरीद व निर्माण के मामले में भूमि का मूल्य परियोजना लागत के 50 प्रतिशत से अधिक न हो।
5.ऋण की मात्रा
● इधर क्लिक
करें
6.प्रतिभूति
अ. मीयादी/मांग ऋण - ऋण से प्राप्त आस्तियाँ
आ. कार्यकारी पूँजी ऋण - बही ऋण/प्राप्यों का समनुदेशन
● संपार्श्विक प्रतिभूति - उचित तीसरी पार्टी की गरंटी या मूर्त प्रतिभूतियाँ
7. चुकौती
● मीयादी ऋण - ईएमआई/पीएमआई में अधिकतम 10 वर्षों की अवधि में चुकाना है, जिसकी प्रारंभिक स्थगन अवधि 18 से 24 माह होगी।
● मांग ऋण - ईएमआई/पीएमआई में अधिकतम 3 वर्षों की अवधि में चुकाना है, जो 6 माह की प्रारंभिक स्थगन अवधि सहित है।
● वाणिज्यिक कार्यकलाप शुरू करने या प्रारंभिक चुकौती अवकाश के पूरा होने पर या मंजूरी की शर्तों के अनुसार चुकौती शुरू होगी।
● डीएससीआर/भविष्य के नकद आगम के आधार पर चुकौती क्षमता निर्धारित होगी।
● नामे किए जाने पर ब्याज अदा करना है।
8.ब्याज दर
बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित अनुसार
● उधारकर्ता की श्रेणी के अनुसार
● अस्थिर ब्याजदर मूल दर से संबद्ध होगी
टिप्पणी - ऋण रकम के 25% तक अतिरिक्त संपार्श्विक प्रतिभूति यानी, संपत्ति, जीवन बीमा पॉलिसी, जमाएँ आदि उपलब्ध कराए जाने पर 0.50% तक रियायत दी जाएगी।
9.प्रसंस्करण प्रभार
● ऋण रकम का 0.25%, न्यूनतम रु.5000 ।
10.समयपूर्व चुकौती प्रभार
शून्य