कार्प फ्लेक्सी होम ऋण
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कार्पोरेशन बैंक द्वारा कार्प फ्लेक्सी आवास ऋण योजना शुरू की गई है, जो आवास ऋण योजना का उप उत्पाद है। इसकी आकर्षक विशिष्टता
प्रगतिशील मासिक किस्त (पीएमआई) है। यानी भविष्य में वेतन उपार्जन में वृद्धि के साथ चुकौती को जोड़ा गया है। कार्प आवास ऋण योजना के तहत यह योजना चरणबद्ध किस्त सुविधा देती है। |
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आनेवाले वर्षों में वृद्धि की उम्मीद करनेवाले, सामान्य पात्रता की मात्रा से अधिक ऋण लेने को इच्छुक युवा उधारकर्ताओं केलिए यह योजना है। इस
योजना के तहत किस्तें आय में वृद्धि के अनुरूप लचीली/बढ़नेवाली/वृद्धिशाल होंगी। (यह योजना केवल वेतनभोगी वर्ग केलिए है ) |
विकल्प 1
ऋण रकम सामान्य पात्रता का 130% होगी।
आरंभिक 5 वर्षों के लिए ईएमआई सामान्य ऋण पात्रता केलिए वर्तमान चुकौती क्षमता
के आधार पर होगी। (100%)
अगले 5 वर्षों में पूरे ऋण केलिए सामान्य ईएमआई होगी। (130%)
बाकी चुकौती अवधि के लिए ईएमआई 10वें वर्ष के अंत में बकाया शेषराशि पर
निश्चित की जाएगी।
विकल्प 2
ऋण रकम वर्तमान चुकौती क्षमता के आधार पर होगी।
आरंभिक 5 वर्षों के लिए ईएमआई सामान्य की 70 % होगी।
अगले 5 वर्षों में ईएमआई सामान्य होगी।
बाकी चुकौती अवधि के लिए ईएमआई 10वें वर्ष के अंत में बकाया शेषराशि पर
निश्चित की जाएगी।
अन्य शर्तें
निर्धारित मार्जिन से कोई रियायत की अनुमति नहीं।
अगले 5 वर्षे के वेतन ढांचे के संबंध में नियोक्ता से प्रमाण पत्र अनिवार्य।
आवास संपत्ति के बंधक के अतिरिक्त कोई अन्य संपार्श्विक प्रतिभूति की शर्त नहीं है।
नए घर/फ्लैट का निर्माण, निर्मत घर/फ्लैट की खरीद, मरम्मत, नवीकरण या वर्तमान घर/फ्लैट के विस्तार केलिए तथा किसी बैंक या आवास वित्त एजेंसी के साथ वर्तमान आवास ऋण सुविधा की समयपूर्व बंदी - जहाँ,
बाकी चुकौती अवधि 15 वर्ष या अधिक है- के लिए यह ऋण लिया जा सकता है।
ब्याज दर, समयपूर्व भुगतान प्रभार, प्रसंस्करण प्रभार, मार्जिन, प्रतिभूति व अन्य शर्तें व उपबंध कार्प होम ऋण योजना के समान ही लागू है।
प्रगामी मासिक किस्तों में चुकौती सुविधा वाली कार्प फ्लेक्सी योजना उन युवा समूह के लिए बेहतरीन है जो अपने पेशे के आरंभिक समय में हैं व जो अपने रोज़गार के दौरान वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद करते हैं।
बैंक कार्प जीवन गृह रक्षा योजना के तहत उधारकर्ता को भारतीय जीवन बीमा निगम के सहयोग से बीमा रक्षा की व्यवस्था करता है। जीवन बीमा निगम को देय एक बारगी प्रीमियम उधारकर्ता द्वारा वहन किया जाना है तथा
यदि आवश्यक है तो परियोजना के अंग के रूप में बैंक उसके लिए वित्तीयन करेगा।