कार्प मॉर्टगेज - अचल संपत्ति के प्रति ऋण
1. पात्रता
 |
आवासीय / वाणिज्यिक संपत्ति (भूमि और / या इमारत) वाले 18-55 आयु सीमा के व्यक्ति जो आयकर निर्धारिती है। |
 |
कृषि / औद्योगिक आस्ति के प्रति किसी भी हालत में ऋण नहीं मिलेगा। |
 |
आवेदक का आयकर निर्धारिती होना अनिवार्य है। |
 |
अनिवासी भारतीय, साझेदारी फर्म, कंपनी, हिन्दू अविभक्त परिवार तथा न्यास पात्र नहीं हैं। |
 |
चुकौती अवधि उधारकर्ता की 70 आयु से अधिक न हो। ऋण की किस्तें अदा करने के लिए यदि सह आवेदक की स्वतंत्र आय है तो यह शर्त लागू नहीं। |
 |
वेतनभोगी के मामले में चुकौती अवधि सेवानिवृत्ति अवधि से अधिक न हो। |
 |
चुकौती क्षमता के अनुपूरक के रूप में निकट संबंधी सह आवेदक के रूप में शामिल हो। |
 |
फर्मों / कंपनियों / न्यासों / अविभक्त हिन्दू परिवारों के मामलों में नियमित व स्वतंत्र आयवाले साझेदारों, निदेशकों, न्यासियों तथा सह-समांशियों
को सह आवेदकों के रूप में शामिल होकर चुकौती क्षमता बढानी है। |
 |
संपत्ति निकट रिश्तेदार के नाम में हो,जिनकी नियमित / स्वतंत्र आय नहीं हो तो उनकी आयु जो भी हो, उसे सह आवेदक के रूप में शामिल होना है। |
 |
एक ही या किसी भी संपत्ति पर एक से अधिक ऋण दिया जाता है, बशर्ते कि प्रतिभूति पर मार्जिन, आय, चुकौती क्षमता आदि पर्याप्त मात्रा में हो। |
 |
फर्मों, कंपनियों व न्यासों के मामले में साझेदार/ निदेशक / न्यासी की संपत्ति पर ऋण दिया जा सकता है। ऐसे मामलों में संपत्ति के स्वामी को सह
आवेदक के रूप में शामिल होना है। |
 |
सभी अन्य साझेदार / निदेशक / न्यासी ऋण के सामान्य गारंटरों के रूप में शामिल हो या सहआवेदक के रूप में शामिल हों, जिससे चुकौती क्षमता
बढा सकें। |
 |
वेतनभोगी व्यक्तियों केलिए निवल मासिक आय रु. 20,000 / - |
 |
वेतनभोगियों से अन्य व्यक्तियों के लिए निवल मासिक आय रु. 25,000 / - |
 |
उधारकर्ता वेदनभोगी नहीं हैं तो उपचित होनेवाले नकद / अवक्षय भी आय के रूप में जोडा जाता है। |
2. प्रयोजन
विवाह, चिकित्सा व्यय आदि व अन्य कारोबार आवश्यकताओं जैसा वैयक्तिक व्ययों के लिए।
3. सुविधा की प्रकृति
उधार कर्ता की अपेक्षा के अनुसार चल खाते के रूप में या सावधि ऋण के रूप में सुविधा दी
जाएगा।
4. ऋण खाता
अधिकतम ऋण रकम निवल वार्षिक आय से 10 गुना से अधिक न हो।
न्यूनतम रु.2 लाख व अधिकतम रु.500 लाख
ग्रामीण - रु.5 लाख
अर्धशहरी रु.10 लाख
शहरी रु.200 लाख
महा नगरीय व पत्तन नगर रु.500 लाख
उक्त ऋण रकम संपत्ति जहाँ स्थित हो के आधार पर है न कि शाखा के प्रवर्ग के आधार पर।
5. मार्जिन
 |
बैंक के अनुमोदित मूल्यांकक से प्राप्त अद्यतन मूल्यांकन रिपोर्ट, जो 6 माह से अधिक पुरानी न हो, के अनुसार बंधक रखीजानेवाली संपत्ति के
बाजार मूल्य के 50 % तक ही ऋण दिया जाएगा। |
 |
आवास और / या कार्प विद्या ऋण के तहत बंधक रखी जा चुकी संपत्ति के ऋण मुक्त मूल्य पर इस योजना के तहत ऋण दिया जा सकता है। ऐसे
मामलों में संपत्ति का मूल्य ऐसी संपत्ति पर ली गई ऋण सुविधाओं के कुल का 200 % होगा। (यानी कुल ली गई ऋण सुविधा के प्रति ऐसे संपत्ति के मूल्य पर 50 %का समान मार्जिन रखा जाएगा) |
6. ब्याज दर
 |
बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित अनुसार अस्थिर दर । (इस योजना के तहत स्थिर ब्याज का विकल्प नहीं है) |
7. प्रतिभूति
 |
जिस संपत्ति के प्रति ऋण मांगता है, उसका बंधक। बंधक रखी जानेवाली संपत्ति का आयु 20 वर्षों से अधिक न हो। |
8. गारंटी
अनिवार्य नहीं है।
9. प्रसंस्करण प्रभार
मंजूर ऋण का 1.00 प्रतिशत। (प्रभार में सेवा कर भी शामिल है।)
10.समयपूर्व भुगतान प्रभार - शून्य
11. चुकौती
 |
जहाँ ऋण सावधि ऋण के रूप में है, उसकी चुकौती 7 से 10 वर्षों तक की चुकौती अवधि में की जानी है। |
 |
मीयादी ऋण की वार्षिक समीक्षा होगी। |
 |
खाते की वार्षिक समीक्षा / नवीकरण होगा तथा मांग पर चुकौती की जानी है। एक बार मंजूर ऋण 3 वर्षों के लिए प्रभावी होगा। |
 |
3 वर्ष में एक बार संपत्ति का पुनर्मूल्यांकन होगा। |
 |
3 वर्ष पूरा होने से पहले संपत्ति के पूनर्मूल्यांकन के आधार पर ऋण सीमा बढाने की अनुमति नहीं होगी। |
 |
वेतनभोगी के मामले में चुकौती अवधि सेवानिवृत्ति की आयु से अधिक न हो। |
 |
ईएमआई / आनुमानिक ब्याज निवल आय के प्रतिशत के रूप में लागू दिशानिर्देशों के अनुसार लागू होगा। |
ईएमआई की गणना
चेकलिस्ट के लिए इधर क्लिक करें
आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए इधर क्लिक करें।: