Saturday, May 25, 2013

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कार्प ट्यूटर फी - कोचिंग/ट्यूशन फी के वित्तीयन के लिए योजना

कार्प ट्यूटर फी

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग/ट्यूशन फी के वित्तीयन के लिए योजना।

प्रयोजन

मेडिसिन/इंजिनीयरिंग/बिसिनेज मैनेजमेंट/चार्टर्ड अकाउँटेंन्सी आदि जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के ट्यूशन फीस का वित्तीयन।

पात्रता

विद्यार्थी
विद्यार्थी ने पिछली योग्यता परीक्षा दी हो या पूरी की हो।
विद्यार्थी व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए CAT, CET, IIT, JEE, AIJEE, GATE, CA/CS/ICWA, COMED आदि जैसी प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार कर रहा हो।
विद्यार्थी प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से ट्यूशन सुविधा लेना चाहता हो।
विद्यार्थी को प्रतिष्ठित ट्यूशन दाता संस्थान में प्रवेश पाना हो या ऋण केलिए आने से 30 दिनों के पहले प्रवेश प्राप्त कर चुका हो।

ऋण आवेदक

    ऋण का आवेदक विद्यार्थी के माता, पिता या पति/पत्नी हो।

    व्यक्ति जिनकी नियमित व सत्यापन योग्य आय हो तथा चुकौती क्षमता हो।

    पुत्र, पुत्री या पति/पत्नी के ट्यूशन फी के लिए ऋण दिया जाता है।

    वेतनभोगी आवेदक के मामले में चुकौती अवधि सेवानिवृत्ति अवधि से अधिक न हो।

ट्यूशन दाता संस्थान

    संस्थान, एक पंजीकृत कोचिंग संस्थान हो।

    संस्थान पिछले 3 वर्षों से कार्यरत हो और संतोषजनक रूप से चलाया जा रहा हो।

सुविधा की प्रकृति - अल्पावधि मांग ऋण

ऋण रकम - न्यूनतम रु.50,000/- व अधिकतम रु.2,00,000

ब्याज दर – अस्थिर दर के अधीन आधार दर +4.25%

चुकौती

अधिकतम 2 से 3 वर्षों की चुकौती अवधि के भीतर स्थगन अवधि के बिना ईएमआई में ऋण की चुकौती की जानी है।
वेतनभोगी लोगों के लिए चुकौती अवधि आवेदक की सेवानिवृत्ति आयु से अधिक न हो।

गारंटी

ऋण विद्यार्थी के माता-पिता या पति/पत्नी द्वारा लिया जाए। विद्यार्थी को आवेदक/सहआवेदक के रूप में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है।
ऋण बेजमानती होने पर उचित तीसरी पार्टी की गारंटी अनिवार्य है।

प्रतिभूति

आवेदक का वेतन/पेन्शन बैंक के माध्यम से दिया जाता है, तो कोई अन्य प्रतिभूति की आवश्यकता नहीं है। फिर भी ऐसे तीसरी पार्टी की गारंटी अनिवार्य है।
आवेदक का वेतन/पेन्शन बैंक के माध्यम से नहीं दिया जाता है, तो ऋण राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, जीवन बीमा पॉलिसी, जमाएँ, किसान विकास पत्र आदि द्वारा ऐसी प्रतिभूतियों पर 10 प्रतिशत मार्जिन रखने के बाद पूर्णतः प्रतिभूत हो। ऐसे मामलों में तीसरी पार्टी की गारंटी आपेक्षित नहीं है।
संपत्ति के मूल्य पर 25 प्रतिशत मार्जिन के साथ अचल संपत्ति भी स्वीकार्य है।
स्वर्ण/आभूषण की गिरवी भी प्रतिभूति के रूप में स्वीकार्य है। ऐसे मामलों में स्वर्ण/आभूषण के मूल्य की गणना आभूषण ऋण के लिए निर्धारित दर के समान की जाती है।

मार्जिन - संस्थान द्वारा जारी शुल्क-ढांचे के अनुसार ट्यूशन फी का 10 प्रतिशत।

प्रसंस्करण प्रभार

मंजूर ऋण रकम का 0.5 प्रतिशत, न्यूनतम रु.500/- (सभी प्रभार सेवा कर सहित है)

समयपूर्व चुकौती प्रभार - शून्य

अन्य शर्तें – उधरकर्ता को संस्थान द्वारा जारी शुल्क-ढांचा प्रस्तुत करना है।

संवितरण - ऋण रकम मार्जिन शुल्क के साथ सीधे संस्थान को अदा की जाएगी।