निक्षेपागार सेवाएँ
भारतीय पूँजी बाज़ार की प्रतिभूति संबंधी अधिकांश लेनदेन अभौतिक हो गया है। अतः निवेशकों के लिए यह अधिक आवश्यक हो गया है कि उनके निक्षेपागार खाते हों। NRI सहित हमारे निवेशकों की सुविधा के लिए
विशेष रूप से तथा समान्य निवेशकों के लिए कार्पोरेशन बैंक ने नेशनल सेक्यूरिटीज़ डेपॉज़िटर्स लि., मुंबई -45 के सहयोग से नरिमेन भवन 227, बाक् बे रिक्लामेशन, नरिमेन प्वायंट, मुंबई में एक विशेषीकृत
शाखा खोलकर निक्षेपागार सेवाएँ शुरू की है। (दूरभाष सं.: 022 2288 1817 व 2288 5299, फैक्स से.2288 5298).
भौतिक प्रतिभूति प्रमाणपत्र इलक्ट्रॉनिकी रूप में परिवर्तित किया जाता है और उसे अभौतिक रूप (डीमेट) कहा जाता है। निक्षेपागार सेवा प्रतिभूतियाँ इलक्ट्रॉनिक रूप में रखने और बही प्रविष्टियों के माध्यम से लेनदेन
चलता है। इस व्यवस्था के तहत जारीकर्ता कंपनी की बहियों में प्रतिभूतियों का इलक्ट्रॉनिकी रूप में रखने के पंजीकृत मालिक के रूप में निक्षेपागार कार्य करता है और ग्राहक लाभभोगी मालिक होता है।
जिस निक्षेपागार सहभागी के माध्यम से डीमेट लेखे का संचालन होता है, वह निक्षेपागार के अभिकर्ता के रूप में कार्य करता है। राष्ट्रीय प्रतिभूति निक्षेपागार लि. (एनएसडीएल) तथा केन्द्रीय प्रतिभूति निक्षेपागार लि.
भारत के दो मान्यताप्राप्त निक्षेपागार हैं। कार्पोरेशन बैंक राष्ट्रीय प्रतिभूति निक्षेपागार लि. के सहयोग से, जो बाजा़र का मुख्य कार्यकर्ता है, निक्षेपागार सेवाएँ शुरू की है।
निक्षेपागार तथा निक्षेपागार सहभागी निम्नों के तहत बने विनियमों के अधीन कार्य करता है।
भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड अधिनियम 1992
निक्षेपागार अधिनियम 1996
भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (निक्षेपागार व सहभागी) विनियम 1996
निक्षेपागार उपनियम (NSDL)
निक्षेपागार द्वारा तैयार कारोबार नियम (NSDL)
1.2.कार्यकलाप
निक्षेपागार, निक्षेपागार सहभागी के माध्यम से अपने ग्राहकों के लिए निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करता है।
खाता खोलना
अभौतिक बनाना
भौतिक बनाना
लेनदेनों का निपटान
गिरवी तथा बंधक रखना
स्टॉक उधार देना व उधार लेना
1.3.लाभ
प्रतिभूतियों का तत्काल अंतरण
प्रतिभूतियों के अंतरण पर स्टांप ड्यूटी नहीं होगी।
नष्ट होना, जाली अंतरण, बुरी सुपुर्दगी, जाली प्रमाण पत्र आदि से जुडी जोखिमों का निरसन
प्रतिभूतियों के अंतरण में शामिल कागज़ी कामों में कमी
लेनदेन लागत में कमी
नामांकन सुविधाएँ
पते में परिवर्तन का सरल व शीघ्र लेखन होता है तथा बहुविध पत्राचार से मुक्ति
प्रतिभूतियों का सरल व किफ़ायती प्रेषण
फोलियो व लेखों के समेकन की सुविधानक पद्धति
इक्विटी तथा डेब्ट लिखतों के लिए एक खाता रखने की आवश्यकता ।
सरल अनुवर्तन तथा पास बुक से जाँच की सुविधा
1.4.खातों के प्रकार
निम्नलिखित प्रकार के खाते खोले जा सकते हैं।
एक मात्र नाम में वैयक्तिक
संयुक्त नाम में वैयक्तिक
कंपनियाँ
निकाय
1.5.विशेषताएँ
निक्षेपागार खातों की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित है।
एक ही नाम में या संयुक्त नाम में एकाधिक खाते खोले जा सकते हैं।
न्यूनतम बाकी रखने की आवश्यकता नहीं है।
खाते में जमा पाने का एक बारगी स्थाई अनुदेश।
1.6. निक्षेपागार खाता खोलने की प्रक्रिया
निर्धारित खाता खोलने का प्रपत्र भरकर व हस्ताक्षर कर पेश करना
एनआरआई को चाहिए कि खाते के संचालन के लिए अधिकार पत्र की सत्यापित प्रति/मूल प्रति दें।
पते के प्रमाण के रूप में उचित पहचान व प्रलेख प्रस्तुत करें।
अपेक्षित करार पर हस्ताक्षर करें।
निक्षेपागार खाता खोलने पर खातेदार को निम्नलिखित प्रदान किए जाएँगे -
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खाता सं. डीपी पहचान के साथ खाता सं.का का एक विशिष्ट संयोजन (आइडी) |
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निक्षेपागार सेवा के लिए पूर्व-मुद्रित अनुदेश पर्ची यानी, अभौतिकीकरण, व्यापार के लिए सुपुर्दगी अनुदेश आदि, भौतिकीकरण; |
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विभिन्न निक्षेपागार कार्यकलापों के लिए अनुदेश देने के अंतिम समयावधि की सूची यानी, बिक्री, खरीद आदि प्रभावी करने केलिए अंतरण। |