आरएफ़सी-एसबी/आरएफ़सी-चालू

आरएफ़सी-एसबी/आरएफ़सी-चालू

आरएफ़सी-एसबी/आरएफ़सी-चालू

उद्देश्य
  • भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेश से वापस आनेवाले अनिवासी भारतियों/भारतीय मूल के व्यक्तियों द्वारा भारत में विदेशी मुद्रा में खाता खोलने और बनाए रखने की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से आरएफ़सी योजना बनाई है।
मुद्रा जिसमें खाता खोला जा सकता है
  • केवल अमरीकी डॉलर, ग्रेट ब्रिटेन पाउंड और यूरो
चेक बुक सुविधा
  • नहीं
संयुक्त खाता
  • पात्र व्यक्तियों के नामों में अकेले या संयुक्त रूप से आरएफ़सी खाता खोला जा सकता है
पात्रता
  • स्थायी रूप से भारत में बसने के लिए विदेश से वापस आनेवाले अनिवासी भारतियों/भारतीय मूल के व्यक्तियों द्वारा निवासी विदेशी मुद्रा (आरएफ़सी) खाता खोला, बनाए रखा और परिचालित किया जा सकता है।
ब्याज दर
  • ब्याज दरें; अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में विदेशी मुद्रा जमाओं के लिए प्रचलित ब्याज दरों के आधार पर निर्धारित की जातीं हैं। ब्याज के भुगतान के लिए पात्र होने के लिए, बचत बैंक खाते के मामले में खाते में न्यूनतम शेष 250 यूएसडी होना चाहिए।
ब्याज पर स्रोत पर कर की कटौती
  • स्रोत पर कर की कटौती लागू नहीं
एनआरआई होने पर में खाते की स्थिति
  • जब भी खाताधारक एनआरआई हो जाता है/हो जाते हैं, अर्थात जब व्यक्ति रोजगार आदि के लिए विदेश जाता है, तो वे आरएफ़सी में रहनेवाले शेष को भारत के बाहर अंतरित करने या ऐसे शेष को भारत में एनआरई/एफ़सीएनआर खातों में परिवर्तित करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
नामांकन
  • उपलब्ध
नियम और शर्तें
  • लागू

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